वैसे तो मध्य-प्रदेश में घूमने के लिए बहुत है पर एक धाम ऐसा भी है जो एक तपस्थली के रूप में विख्यात है | तीर्थों का भांजा कहा जाने वाला सनकुआ मध्य-प्रदेश के दतिया जिले के सेवढ़ा में स्थित है | सिंध नदी के किनारे बने इस मंदिर का सम्बन्ध ब्रह्मा के मानस पुत्रों सनक, सन्नदन , सनत कुमार से है | ऐसा कहा जाता है की यहाँ पर ब्रह्मा के तीनों पुत्रों ने तपस्या की थी | आज हम आपको सनकुआ के बारे में ही बताएँगे और बो सारी बातें बताएँगे जो आपने इसके बारे में कभी नहीं सुनी होंगी और आप यहाँ आसानी से पहुँच सकें |कैसे पहुंचे सनकुआ धाम :
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सनकुआ मध्य-प्रदेश के दतिया जिले के सेवढ़ा में स्थित है| इसके लिए या तो आपको दतिया या ग्वालियर आना पड़ेगा |
दतिया से दूरी = 60 किलोमीटर
ग्वालियर से दूरी = 80 किलोमीटर
१. आप यहाँ पर बस के द्वारा या टैक्सी हायर करके आ सकते है |
२. सनकुआ धाम रेलवे से जुड़ा हुआ नहीं है | यहाँ आप रेल से नहीं पहुँच सकते , निकटतम रेलवे स्टेशन दतिया या ग्वालियर है |
३. यहाँ आप खुद की गाड़ी या बाइक से पहुंचे तो ज्यादा अच्छा है |
सनकुआ का महत्व :
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१. सिंध नदी के किनारे बना सनकुआ धाम एक सुन्दर व आकर्षक मंदिर है | सनक, सनन्दन, सनत कुमार का मंदिर संसार में आपको और कहीं नहीं मिलेगा जिसके कारन इसका महत्त्व और बढ़ जाता है |२. ये मंदिर जिस जगह बना हुआ है बो जगह बहुत ही सुन्दर है | सिंध नदी के कारन ये मंदिर और सुन्दर हो जाता है |
३. दिवाली के बाद यानि की कार्तिक की पूर्णिमा को यहाँ एक मेले का आयोजन है जो एक देहाती मेला जैसा है | जहा आस-पास के गॉव के दुकानदार अपनी अपनी दुकानें यहाँ पर लगाते है |
४. सनकुआ के मंदिर में शिव जी मंदिर है जिसके पास एक गौ-मुख बना हुआ है गौ-मुख से पानी सीधा शिवलिंग पर गिरता है |
५. इसके पास में ही काली माता एक मंदिर है जो नदी के उफान के समय जलमग्न हो जाता है|
पास की ही पहाड़ी पर वनखंडेश्वर महादेव का एक मंदिर भी है |
सनकुआ के बारे में एक किवदंती :
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सनकुआ के बारे में एक कथा हमें अक्सर सुनने को मिलती है | जो कुछ इस प्रकार से है | कहा जाता है की सनकुआ का मंदिर अधूरा ही बना रह गया जिसका कारन यह था की एक जिन्न इस मंदिर को बना रहा था जिसे एक ही रात में इस मंदिर को पूरा करना था किसी के रोकने और टोकने से पहले, पर मंदिर का कुछ भाग बनने के बाद ही जिन्न को किसी प्रकार की आवाज़ सुनाई दी और उसने मंदिर निर्माण का कार्य बंद कर दिया | बो आवाज़ दरअसल एक मानवीय चक्की की थी जो स्त्रियां अक्सर रात में उससे गेंहू पीसा करती थी |
अब ये कहानी कहाँ तक सच्ची है इसकी प्रमाणिकता में नहीं कर सकती | कहा तो ऐसा भी जाता है की उसी जिन्न पहले आलमपुर जिला भिंड का छत्री वाला मंदिर था |
सनकुआ के आस-पास की जगहें :
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सनकुआ के आस-पास की जगहें :
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- सेवढ़ा का किला
- वनखंडेश्वर महादेव
पर्यटकों के लिए आकर्षण :
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१. सिंध नदी में आप बोटिंग का आनंद ले सकते है |
२. फोटो ग्राफी के लिए ये जगह बहुत अच्छी है |
३. अगर आप पिकनिक शौक़ीन है जगह आपके भी लायक है |
४. यहाँ का मेला एक देहाती मेला है जो आपको गॉव की जिंदगी से रूबरू करवाएगा |
५. फिशिंग का आनंद भी आप यहाँ ले सकते है |
इन सबको देखकर लगता है की सनकुआ एक बेहतरीन जगह है | जिसे आप विजिट कर सकते है |
धन्यवाद
नीलम झा



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