रतनगढ़ माता का मंदिर ,दतिया(म.प्र.)
जिला दतिया से लगभग 55 किलोमीटर दूर जंगल के बीच एक मंदिर है वह मंदिर है माता मॉडुला देवी का मंदिर जिसे रतनगढ़ माता मंदिर के नाम से भी जाना जाता है | भक्तों की मान्यता है की यहाँ किसी भी सर्प का काटा हुआ ठीक हो जाता है जिसके कारन यह लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है | लोकदेवी के रूप में विख्यात माता मॉडुला सभी भक्तों के दुःख को दूर कराती है ऐसी यहाँ मान्यता है |कैसे पहुचें :
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दतिया से दूरी = 55 किलोमीटर
ग्वालियर से दूरी = 80 किलोमीटर
सेवढ़ा से दूरी = 35 किलोमीटर
झाँसी से दूरी = 85 किलोमीटर
यहाँ आप टैक्सी /स्वयं की गाडी या बाइक से जा सकते है | यहाँ पर रेल की या बस सुविधा नहीं है |
आप यहाँ खुद की गाडी या बाइक से जाना आपके लिए बेहतर है |
क्या है महत्त्व :
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१. माता रतनगढ़ वाली का मंदिर एक सिद्ध स्थान है लोगों की यहाँ बहुत आस्था है |
२. यहाँ हर सोमवार को मेले का आयोजन होता है जो किसी अन्य जगह से बहुत बड़ा मेला होता है | और हर सोमवार को हजारों श्रद्धालु यहाँ आते है |३. ऐसा माना जाता है कि अगर किसी को संतान का सुख प्राप्त नहीं होता है तो लोग यहाँ आकर संतान मन्नत मंगाते है | मन्नत पूरी होने पर लोग यहाँ पर झूला चढ़ाते है |
४. यहाँ पर घंटा चढ़ाने की परम्परा बहुत पुरानी है | कहा जाता है की चम्बल के डांकू यहाँ आकर घंटा चढ़ाया करते थे जब उनकी मुराद पूरी होती थी तब |
५. लोग कहते है यहाँ आज भी रात्रि में एक और माता के मंदिर में एक दहाड़ मारकर जाता है | इसीलिए रात्रि में मंदिर के पास जाने की मनाही है |
६. यहाँ आस-पास बहुत साड़ी दुकानें है जहा लोग अब रहा करते है इससे आप समझ सकते है की यहाँ लोगो का आना प्रतिदिन होता है |
७. यहाँ पर 108 कुंडिया यज्ञ शाला भी बनी हुई है समय-समय पर यज्ञ हवं का आयोजन होता है |
८. यह मंदिर अभी मध्य प्रदेह सर्कार की देख-रेख में है यहाँ हर वर्ष करोड़ों रुपये की चढ़ौती होती है जो मंदिर के विकास में लगायी जाती है |९. शिवराज सिंह चौहान के द्वारा यहाँ 21 क्विंटल का एक विशाल घंटा चढ़ाया गया है | जो देश में बना इतना बड़ा एक मात्रा घंटा है और जो छोटे -बड़े घंटों को पिघला कर बनाया गया है जो कभी यहाँ पर भक्तों के द्वारा चढ़ाये गए थे | इसके अलावा दो बड़े बड़े शेर यहाँ पर बनाये गए है जो इसी मंदिर के प्रांगण में रखे है |
१०. ऐसा मन जाता है की इस जांगले की लड़की घर में रखने से घर में सर्प नहीं आते है | इस मान्यता के कारन यहाँ के जंगल धीरे-धीरे घटते जा रहे है | आप इसका समर्थन मत कीजिये |
११. मंदिर के पीछे की और एक सड़क जाती है जो कुँअर बाबा के मंदिर की ओर गयी है | ऐसा देखा गया है की यह बही मंदिर सर्प दंश का इलाज किया जाता है |
१२. यहाँ जवारे (जौ को मिटटी के बर्तन में उगाते है व नौ वे दिन मंदिर ले जाते है ) चढ़ाने की परम्परा भी है जो भक्ति से भरी एक रस्म है माता के मंदिर में आस्था को व्यक्त करने के लिए |
१३. मंदिर से 5 किलोमीटर एदूर क नदी है नाम है सिंध जहाँ पर भक्त स्नान करते है फिर मंदिर की और जाते है | कहते है यह बही नदी है जहा से सर्प काटने वाले मरीज को रखकर कुंअर बाबा के मंदिर तक ले जाते है क्योकि यहाँ से ही मरीज बेहोश हो जाता है |१४. वर्ष 2006 में रतनगढ़ माता के सिंध नदी के पल पर बड़ा हादसा हो गया था जिसमे सैकङो श्रद्धालु मरे गए थे यह हादसा एक झूटी अफवाह के कारन हुआ था |
१५. यह पोलिस ब की तैनाती हमेशा रहती है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो |
१६. सिंध नदी के तट पर ही विशाल भाईदोज आयोजन होता है यह मध्य-प्रदेश के सबसे बड़े मेलों में से एक है क्योंकि इस समय यहाँ हज़ारों नहीं लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन आते है | इसके लिए प्रशाशन काफी पहले से ही अलर्ट हो जाता है |
१७. यहाँ पार्किंग और खाने की व्यवस्था तो है पर रहने की उत्तम व्वयवस्था नहीं है | इसके लिए आपको या तो सेवढ़ा या फिर दतिया आना होगा |
वैसे ये एक सुन्दर जगह है इसकी खूबसूरती यहाँ के जंगल बाद जाती है क्योकि यहाँ आपको प्राकृतिक नज़ारे भी दिखाई देंगे |
पर्यकों के लिए आकर्षण :
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१. सिंध नदी के किनारे आप बोटिंग का आनंद ले सकते है |
२. यहाँ आप चाहे तो फिशिंग का आनंद भी ले सकते है |
३. जंगल की यात्रा भी अआप यहाँ कर सकते है |
४. गांव की संस्कृति से रूबरू होने के लिए आप यहाँ सोमवार को जाये जब यहाँ मेला लगता है |
५. फोटो ग्राफी के लिए भी यह एक अच्छी जगह है |
अगर आप रतनगढ़ के सम्बन्ध में वीडियो देखना चाहते है तोनीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें |
वीडियो : रतनगढ़ माता का मंदिर दतिया मध्य-प्रदेश
अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगी हो तो हमें कमेंट करें | तब तक के लिए जय माँ रतनगढ़ वाली
धन्यवाद
नीलम झा




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