नमस्कार दोस्तों , इस पोस्ट में हम आपको आज उनाव में स्थित बालाजी महाराज के मंदिर के बारे में बताने वाले है लोगों को हमेशा से ये  शंका रहती  है की बालाजी का मतलब हनुमान जी से है या  भगवान भास्कर से
यहाँ हम आपको बता दे की उनाव में स्थित बालाजी का मंदिर भगवान भास्कर यानि की सूर्य भगवान् को समर्पित है यहाँ  हम  आपको उनाव बालाजी के सात ऐसे तथ्यों से रूबरू करवाएंगे जो शायद आपने  पहले कभी न सुने हो | चलिए जानते है यहाँ के बारे में।

१.  देशी घी चढ़ाने की परंपरा :

बालाजी सूर्य मंदिर में रोजाना अखंड ज्योति के लिए आठ किलो घी का उपयोग किया जाता है जबकि एक दिन में 17 किलो से अधिक  का घी चढ़ावे में आता है। एक सप्ताह में यह घी सवा क्विंटल हो जाता है। अलग-अलग पर्वों पर आने वाले अतिरिक्त चढ़ावे को मिलाकर हर साल आठ टन का भंडार हो जाता है। घी को इक_ा करने के लिए पहले एक कुआं बनवाया गया, जब वह भर गया तो दूसरा, इस तरह अभी तक सात कुंआ बनाए जा चुके हैं। साथ ही आगे भी और कुए बनाए जा सकते हैं। इस मंदिर में शुद्ध घी चढ़ाने की परंपरा लगभग 400 साल पहले से शुरू हुई थी। 

२. यहाँ के कुए घी से भरे रहते है

३. हर रविवार को लगता है यहाँ पर मेला

४. होता है चर्म-रोग का इलाज

५. दम्पतियों को मिलता है संतान का सुख

६. वर्षों से जल रही है यहाँ अखंड ज्योति

७. देश का एक मात्रा मंदिर जहाँ पर है सूर्य यन्त्र