मालनपुर स्थित मोल्डेज़ इंडिया की फैक्ट्री में तैयार हो रहे है कैडवरी पर्क, कैडवरी शॉट्स, कैडवरी 5 स्टार, कैडवरी फ्यूज,  सीडीएम स्प्रेडी और कैडवरी 5 स्टार 3 डी जैसे ब्रांड 


कुछ मीठा हो जाये-----     32 एकड़   मालनपुर में स्थित है मोल्डेज़ फैक्ट्री 

32 सालों से चॉकलेट का स्वाद         1989 वर्ष      में स्थापना की गयी थी कारखाने की 
 परोस रहा ग्वालियर 


स्मार्ट ट्रिप विथ नीलम ( ग्वालियर)    ग्वालियर के औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर में स्थित एक फैक्ट्री है मोल्डेज़ जो भारत में ही नहीं पूरी दुनिया में चॉकलेट का व्यापर करती है एक से  ब्रांड जो आपको इंडियन टेलीविज़न पर दिखाई  आपको यहाँ बनते हुए नजर आ जायेंगे | 
आपने अमिताभ बच्चन को अक्सर टीवी पर कहा सुना होगा कुछ मीठा हो जाये----
दरअसल मीठा हमारी भारतीय संस्कृति का हिस्सा शुरू से ही रहा है कोई त्यौहार हो या  जामंदिन या फिर कोई और खुशियों का पल , मीठा हमारी ज़िन्दगी में कुछ खास अहमियत रखता है | मीठे का दायरा अबकी आधुनिक दुनिया में बदलता जा रहा है पहले  गुड़ के साथ और अब चॉकलेट के साथ।
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देश ही नहीं विदेशों में हो रहा चॉकलेट का व्यापार 
चॉकलेट किसे पसंद नहीं होता ये एक ऐसा स्वाद है जो हर किसी की जुवां पर होता है खासकर चॉकलेट की दुनिया में जाना  पहचाना  नाम केडवारी डेरी मिल्क का है मालनपुर स्थित मोल्डेज़ इंडिया की फैक्ट्री में कई तरह की चॉकलेट निर्माण किया जाता है| चॉकलेट की इस फैक्ट्री के यहाँ होने से ग्वालियर  देश  में ही नहीं बल्कि दुनिया में भी अपनी पहचान  बना  चुका है | मालनपुर स्थित मोल्डेज़ इंडिया की फैक्ट्री में कैडवरी पर्क, कैडवरी शॉट्स, कैडवरी 5 स्टार, कैडवरी फ्यूज,  सीडीएम स्प्रेडी और कैडवरी 5 स्टार 3 डी जैसे ब्रांड तैयार किये जा रहे है | भारत कुछ पसंदीदा ब्रांड जैसे की केडवरी 5 स्टार और कैडवरी शॉट्स का निर्यात दक्षिण पूर्व एशिया के मलेशिया और फिलीपीन्स आदि अन्य देशों में भी किया जा रहा है | 

इस प्लांट से कंपनी ने कई इनोवेशन भी किये 
कंपनी के मालनपुर के इस प्लांट का सफर एक विज़न में पिरोया गया है| 32 वर्ष से यहाँ चॉकलेट बनाने का कार्य निरंतर जारी है यहाँ बानी चॉकलेट की मार्किट में बहुत डिमांड है जिससे यह कंपनी देश में ही नहीं विदेशों में भी अपना व्यापार करती है अभी कंपनी यहाँ 6  तरह की चॉकलेट का निर्माण कर रही है इस इकाई से यहाँ के स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलता है इसके साथ ही कंपनी अपनी सहभागिता  सामाजिक कार्यों में भी देती है कंपनी ने कई नए नए  इनोवेशन भी किये है | 


525  युवाओं को आजीविका चलने का काम भी
            सिखाया है|
 
52% फैक्ट्री में किये गए उपाय से पानी की खपत                      कम हुई है | 

38% वर्तमान में वेहतर तकनीक से बिजली  की                        खपत कम हुई है | 


1000 लोगों को रोजगार दे रही इकाई 
मोल्डेज़ इंडिया के सबसे पुराने कारखाने में से मालनपुर के इस कारखाने की स्थापना 1989 में हुई थी 34  एकड़ में  फैक्ट्री, लोगों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रोजगार के अवसर दे रही है कंपनी का मुख्यालय मुंबई में है और  इसके विक्रय कार्यालय दिल्ली, मुंबई, कोलकत्ता व चेन्नई मेंहै जबकि इसकी दूसरी इकाइयां हिमाचल प्रदेश की बड्डी और आंध्र प्रदेश की श्रीसिटी  में है इसके अलावा महाराष्ट्र में एक वैश्विक अनुसन्धान तथा तकनिकी  विकास केंद्र और वैश्विक कारोबारी केंद्र साथ देशभर में विशाल वितरक नेटवर्क भी है जो  हज़ारों युवाओं  को रोजगार के अवसर उप्लब्ध कराती है | 

कंपनी करती है ये भी काम 
कंपनी पर्यावरण संरक्षण  के लिए लगातार प्रयासरत है इसके चलते मालनपुर की इस फैक्ट्री में  ऐसे कई उपाय किए गए है जिससे 52% तक पानी की खपत को काम किया गया है इसके साथ -साथ बेहतर  तकनीकी की मदद से 38% तक बिजली  गयी है | कंपनी ने यहाँ के दो बड़े तालाबों का जीर्णोद्धार भी  कराया है साथ साथ 3 नए  बोरबेल ड्रिल भी कराये है साथ ही दो  नए स्टोरेज टैंक भी बनाये है इसके अलावा 525 युवाओं  आजीविका  चलाने के लिए काम सिखाये गए है | 
कंपनी के किये  गए कार्यों के बदले मालनपुर फैक्ट्री को प्रतिष्ठित पर्यावरण पुरुस्कार से सम्मानित किया गया | 

कोविड -19 में कंपनी द्वारा  किया गया सहयोग 


1220  परिवारों को मुफ्त राशन बांटा | 

500  लोगों को खाना खिलाया | 




कंपनी ने पुरे कोविड-19 के दौरान 1220  परिवारों को मुफ्त  राशन बांटा तथा 500 से अधिक लोगों को पुलिस व प्रशासन की मदद से खाना भी खिलाया जिनमे ज्यादातर प्रवासी मजदूर थे जो उस समय घर से बेघर हो गए थे | 

 आशा है आपको ये पोस्ट पसंद आयी होगी | 
नीलम 

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ग्वालियर के पांच बेहतरीन प्लेस नीचे दिए गए वीडियो में है