करह आश्रम के कुंड पर आकर नहाने और पानी पीने से ख़त्म हो जाता है 
कुत्ते के कटाने का जहर यानि पानी पीने से रैबीज का जहर खत्म 

जहर की काट बना 
कुंड का पानी 


स्मार्ट ट्रिप विथ नीलम (ग्वालियर)    संतों की यह कर्मभूमि " पाटिया वाले बाबा के नाम से है मशहूर "
आगरा, मुंबई राजमार्ग पर ग्वालियर और मोरेना के बीच पहाड़ियों के बीच है स्थित है कराह धाम इसे यहाँ के स्थानीय लोग पाटिया वाले बाबा के नाम से जानते है|  
इसी आश्रम में बने कुंड का पानी हजारों, लाखों लोगों  की आस्था का केंद्र बन चूका है आश्रम साधु-संतों की कर्मस्थली रहा है लेकिन धर्म कर्म के अलावा इस आश्रम के सरयू कुंड का पानी रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी के लिए एक अचूक दवा बन चूका है | 











आश्रम पर लोगों का अटूट है भरोसा 
ग्वालियर चम्बल अंचल से ही नहीं यहाँ इस आश्रम में लोग दूर दर्ज से आते है | आश्रम में आने जाने वाले और यहाँ रहने वाले कहते है सरयू कुंड के पानी में क्या तासीर है जो जानवरों के  इंसानी सरीर में पनपने वाले जहर को काट देता है |  इसके बारे में कुछ पता नहीं \, लेकिन आंख मूंदकर भरोषा है की जिसे स्वान (कुत्ते) ने काटा होता है वह यहाँ आकर इस पानी के कुंड से नहाता है तो उसके सरीर में रैबीज का जहर असर नहीं करता है इस भरोसे पर ग्वालियर, चम्बल अंचल के ही नहीं बल्कि देश के दूर दर्ज के इलाके से लोग यहाँ आकर जहर को मात देते है |  

पानी में दवा सी ताकत 
जहर को जहर मारता है यह कहावत तो अपने सुनी ही होगी लेकिन पानी से जहर की काट हो सकती है यह बात हैरान  करने वाली है लेकिन यह बात  मुरैना के पास स्थित सुमावली गॉव के पास बरसों से सच हो रही है | 
आश्रम में आने वाले लोग बेबाकी से कहते है की यहाँ पानी की तासीर जहर पर भारी है  हज़ारों लोग आजमा चुके है यही वजह है की आश्रम में प्रतिदिन 100 -150 लोग का आना जाना रहता है पूर्णिमा पर तो आश्रम में विशाल मेला लगता है जो ोग यहाँ से ठीक होकर जाते है वह तो यहाँ के जल पर भरोसा करते है दूसरों को भी रु-बरू करते है | 


सरयू में नहाकर होते है बेफिक्र 
आशाराम के एक भक्त ने हमें बताया की कराह धाम आश्रम में बने कुंड को सरयू कुंड कहा जाता है धरना है की जिस व्यक्ति को स्वान इ कटा होता है वे सबसे पहै इस सरयू कुंड से जल भरकर स्नान करते है आश्रम में बाबा रामदास की चरण पादुकाएं राखी है वहां जाकर सरयू का जल चढ़ाकर उसे प्रसाद के तौर पर पीते है इस प्रिक्रिया को पूरा करने के बाद ऐसा मन जाता है की जिस व्यक्ति को स्वान ने काटा होता है उसे रैबीज के  बचाव के लिए इंजक्शन की जरुरत नहीं पड़ती, और न ही किसी प्रकार की दवा की |  

आशा है आपको यह पोस्ट पसंद आयी होगी | कराह धाम को हमने नजदीक से देखा है और इस पर एक वीडियो भी बनाया है जिसे आप हमारे यूट्यूब चैनल " स्मार्ट ट्रिप विथ नीलम" पर देख सकते है | 

वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें 




धन्यवाद 
नीलम