छोटा वृन्दावन हमारा दतिया 

मध्य प्रदेश के एक छोटे से जिले दतिया को मिनी वृंदावन के नाम से जाना जाता है दतिया में पिछले कुछ समय से चार धाम तीर्थ बनाने की तैयारी जोरों पर है 



भारत के गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम तो सभी ने सुने होंगे लेकिन जिले में भी चार धाम तीर्थ बनाने की तैयारी चल रही है इन चार धामों में दतिया का प्रसिद्ध मंदिर पीतांबरा पीठ, उनाव स्थित सूर्य भगवान का मंदिर, सोंधा सेवढ़ा का सनकुआ धाम और रतन स्थित माता मॉडुला देवी का मंदिर शामिल है यह चार दतिया के ऐसे धर्मस्थल हैं जहां हजारों से लेकर लाखों की संख्या में श्रद्धालु हर वर्ष आते हैं इसलिए इन्हें धाम की तरह विकसित करने के लिए प्रयास किये जा रहे है | 

रूट को विकसित करने के लिए भी प्रयास जारी है 3 साल पहले प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह की पत्नी साधना सिंह ने कई अधिकारियों के साथ मौके का मुआयना किया था 

दतिया में 3 नदियां और सा तालाब है 

दतिया केबल आवागमन की दृष्टि से बेहतर है बल्कि प्राकृतिक रूप से भी समृद्ध है शहर के आसपास तालाब हैं जिनमें करण सागर, लाला का ताल, राम सागर आदि प्रमुख हैं जिले में 3 नदियां बहती हैं जिनमें सिंध, बेतवा और चंबल प्रमुख हैं रेलवे ट्रैक भी हैं 1 नेशनल हाईवे 1 स्टेट हाईवे भी गुजरता है  यानि की आने- जाने की किसी प्रकार की कोई परेशानी  जिससे पर्यटकों को पहुंचने में कोई परेशानी हो |

साथ ही जिले में ख्यात तीर्थ स्थल पीतांबरा पीठ, रतनगढ़ माता का मंदिर की महिमा अपार है और सनक सनन्दन सनत कुमार की तपोस्थली सनकुआ धाम देश विदेश में विख्यात है साथ ही उनाव का सूर्य मंदिर की ख्याति  बहुत है ऐसा माना जाता है की यहाँ पर त्वचा सम्बन्धी रोगों का उपचार किया जाता है |  इन चारों को जोड़ने के लिए शासन स्तर से प्रयास किया जा रहा है 

इस तरह बनाया था चार्ट 

 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह के कहने पर तत्कालीन जिलाधीश मदन कुमार ने रूट चार्ट तैयार किया था इसमें उल्लेख था कि सूर्योदय के वक़्त यानी करीब 6:00 बजे लोग उनाव स्थित बालाजी मंदिर पहुंचे यहां दर्शन के बाद पितांबरा पीठ पहुंचकर सुबह 7:00 बजे की आरती ले यहां से सेंवढ़ा के लिए रवाना हो और सनकुआ  करे तथा यहां दर्शन करने के बाद रतनगढ़ माता मंदिर पहुंचे |  भोजन कर आराम करें करीब 6 घंटे में लोग चारों तीर्थ कर सकेंगे इस थीम की तैयारी की जा रही है 

धूमावती के दर्शन करने जुटते हैं हजारों श्रद्धालु 

दतिया के पीतांबरा माई के मंदिर में स्थित  धूमावती  बहुत  प्रसिद्द है जहा स्थानीय लोग ही  बल्कि राजनेता भी माँ आशीर्वाद लेने पहुंचते है माँ की आरती  बार  हर रोज दो बार होती है सुबह 8:00 बजे और शाम को 8:00 बजे होने वाली इस आरती में स्थानीय श्रद्धालुओं शामिल होते हैं लेकिन शनिवार को यहां अलग ही महत्व है | कोरोना संक्रमण काल को छोड़कर शनिवार को यहां सुबह 2 घंटे और शाम को 3 घंटे मां धूमावती भाई के पट खुलते हैं हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा होते थे हालांकि इन दिनों ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से दर्शन हो रहे हैं 

दीपावली के दोज पर लगता है मेला

 माता रतनगढ़ मंदिर पर हर साल दीपावली की दूज पर लक्खी मेले का आयोजन किया जाता है सर्प दंश से पीड़ित लोगों का विष यहाँ उतरा जाता है कोरोना संक्रमण काल से पूर्व यहां हर साल 20 से 25 लाख लोगों का आना जाना था सर्पदंश से पीड़ित बड़ी संख्या में लोग यहां आया करते थे उनका जहर उतारा जाता था हर साल दो हजार से ज्यादा पीड़ित आते हैं स्ट्रेचर के माध्यम से उन्हें कुंअर बाबा मंदिर तक लाया जाता है वे स्वस्थ्य होकर वापस घर जाते हैं| 


पीताम्बरा पीठ दतिया     सत्ता की कुर्सी दिलाने वाली देवी , इसीलिए                                                                                     यहाँ राजनेता अक्सर देखे जा सकते है | 

सूर्य मंदिर उनाव                     किसी भी प्रकार के चर्म रोग का इलाज                                                                                             यहाँ पर होता है 

                                                             


सनकुआ धाम सेंवढ़ा       सनक सनन्दन सनत कुमार की तपोस्थली  है जिन्होने                                                                        राजा परीक्षत को भागवत का ज्ञान दिया था | 


 
https://www.youtube.com/watchv=qTAaBl4xBc

रतनगढ़ माता मंदिर         सर्पदंश से मुक्ति के लिए लोग यहाँ पर आते है | 

                                                            


   
https://www.youtube.com/watch?v=dSr2y4OXChg