स्थानीय पर्यटन के लिहाज से साबित हो सकता है बेहतर विकल्प ग्वालियर का खुरैरी तालाब
1.45 लाख वर्ग फीट में विस्तार लिए तालाब
80 हज़ार वर्ग फीट में लगाए जा चुके हैं फलदार पेड़
संरक्षित होगी पक्षियों की 120 प्रजातियां
इको जॉन के रूप में भी हो सकेगा विस्तार
120 स्थानीय और प्रवासी पक्षियों को संरक्षित करने के लिए इस तरह की प्लानिंग की गई है
मुरार के सात नंबर चौराहे से 8 किलोमीटर दूर खुरई तालाब को पक्षी पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है लगभग 1.45 वर्ग फीट में विस्तार लिए इस तालाब में 120 स्थानीय और प्रवासी पक्षियों को संरक्षित करने की प्लानिंग तैयार की गई थी
3 साल पहले हुई इस प्लानिंग के बाद से यहां धीरे-धीरे काम चल रहा है वर्तमान में तालाब के चारों और आरक्षित 80000 वर्ग फीट जमीन पर अलग-अलग प्रजातियों के छाया और फलदार पेड़ों के पौधे लगाए जा चुके हैं
तालाब की बाउंड्री को भी प्राकृतिक तरीके से तैयार करने के लिए करौंदा सहित अन्य फलदार झाड़ियों को लगाया गया है काम पूरा होने पर प्रदेश में या पहला पार्क होगा जो शहर की सीमा में तैयार होगा
नौकायन के लिए स्वर्ण रेखा की अपेक्षा खुरई तालाब कम खर्चीला विकल्प साबित होगा कुछ विशेष प्रजातियों के पक्षी यहां हमेशा आते हैं चारों हरियाली विकसित होने से लोग बर्ड पार्क की ओर आकर्षित होंगे
20 किलोमीटर दूर जाना पसंद करते हैं साप्ताहिक अवकाश में लोग |
8.3 किलोमीटर साधना चौराहे से दूर होने से आसानी से पहुंच सकेंगे |
1.5 फीट लंबाई चौड़ाई में तालाब की जगह पानी में रहती है |
लार्ज इग्रेट, रैड बैटल्ड लेपविंग, ग्रीन बी ईटर, पीड़ पीड़ मायना, स्क्वावेंजर वल्चर, पेरिया काइट, इंडियन रोलर, लिटिल ब्राउन डब, कोमोरेंट, आसी ग्राउंड फिंच लार्क, रोज रिंग पैराकीट, प्लम हेडेड पैरट, इंडियन रोबिन, ब्लैक विंग स्टिल्ट सहित 120 प्रजाति के पक्षी यहां आते हैं|
१. शहर में प्राणी उद्यान तो है लेकिन जलीय जीवो के लिए या उनके बिजनेस करने के लिए कोई स्थान नहीं है
२. इस क्षेत्र में नजर आने वाले अधिकतर प्रवासी पक्षी नदी तालाबों के किनारे निकल जाते हैं
३. शहर की सीमा में बर्ड पार्क के स्थापित होने पर सैलानियों को तिगरा की बजाय यहां भी आकर्षित किया जा सकता है
४. स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की प्रजातियों को संरक्षित करने के लिए काम कर रहे हैं
५. शोधकर्ता छात्रों को मदद मिलेगी बर्ड पार्क को पक्षी विज्ञान की जानकारी देने के लिए खुली प्रयोगशाला के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा
६. सबसे खास बात शहर में एक नया ग्रीन एरिया विकसित किया जा सकेगा |
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